लखनऊ। वृंदावन योजना सेक्टर-11 स्थित ज्ञान सरोवर विद्यालय में अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा (धार्मिक प्रकोष्ठ) के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर पूरा कथा पंडाल ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, बधाई गीत और नृत्य के साथ जन्मोत्सव का उल्लासपूर्वक आनंद लिया।

कथा व्यास परम पूज्य स्वामी श्री सुधीरानंद जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति के सामने अहंकार कभी टिक नहीं सकता। भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था के कारण भगवान श्रीहरि विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर खंभे से प्रकट होकर धर्म की रक्षा की। यह प्रसंग संदेश देता है कि अहंकार का अंत निश्चित है और सच्ची श्रद्धा में अपार शक्ति होती है।
समुद्र मंथन के प्रसंग की व्याख्या करते हुए महाराज जी ने कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन से अमृत की प्राप्ति हुई, उसी प्रकार मन के मंथन से भक्ति रूपी अमृत प्राप्त किया जा सकता है। भगवान शिव ने संसार के कल्याण के लिए विष को अपने कंठ में धारण कर परोपकार और त्याग की सर्वोच्च मिसाल प्रस्तुत की। वहीं, राजा भरत के चरित्र से उन्होंने सीख दी कि मनुष्य को मोह-माया में अत्यधिक आसक्त नहीं होना चाहिए। जीवन के अंतिम समय में मनुष्य की जैसी मति होती है, वैसी ही गति प्राप्त होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवनभर भगवान का स्मरण और सत्कर्म करते रहना चाहिए।

महाराज जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि जीवन जीने की श्रेष्ठ कला है। जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। आज के समय में समाज को भक्त प्रह्लाद जैसी अटूट श्रद्धा, भगवान शिव जैसी परोपकार की भावना और राजा भरत के चरित्र से त्याग एवं वैराग्य की प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। इन आदर्शों को अपनाकर ही परिवार, समाज और राष्ट्र का कल्याण सुनिश्चित किया जा सकता है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तिमय हुआ कथा पंडाल
कथा के समापन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बाल कृष्ण की मनमोहक झांकी सजाई गई। भगवान के जन्म की घोषणा होते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंजने लगा। भक्तों ने बधाई गीत गाते हुए नाच-गाकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां मनाईं। इस दौरान संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में आज के यजमान भवान सिंह रावत, आर.पी. जुयाल, हरीश रौतेला, पुष्पा देवी एवं बिन्दु बाला सिंह ने विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारंभ कराया।

इस अवसर पर डॉ. के.डी. जोशी, प्रेम खर्कवाल, आर.एस. पयाल, डॉ. डी.एस. नेगी, डॉ. एस. सागर, एच.सी. ओली, विनोद कुमार पांडे, विनय, रवि, हरेंद्र नेगी, प्रेम सिंह दिगारी, पूरन बिष्ट, रंजना, संगीता रावत, लक्ष्मी पयाल, शशी जोशी, कमला कठैत, प्रेमा बिष्ट, बिमला बिष्ट, नीलम जुयाल, सुशीला रौतेला सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।