देहरादून। थाना राजपुर पुलिस ने पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर में हुई चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मंदिर से चोरी की गई अष्टधातु की मूर्तियां, घंटा, दीये, थाली, तश्तरी, शिवलिंग और नकदी बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 को पंकज जोशी निवासी भगवंतपुर ने थाना राजपुर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात चोर माता भरना देवी मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां समेत अन्य पूजा सामग्री और नकदी चोरी कर ले गए हैं। मामले में थाना राजपुर में धारा 305(डी) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम ने मंदिर और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्धों की जानकारी जुटाने के साथ स्थानीय मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
पुलिस टीम को सफलता तब मिली जब 4 सितंबर को चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर भंडार गांव, पुरुकुल रोड के पास से सिद्धार्थ थापा और अंकित भंडारी को चोरी के सामान व नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि चोरी का कुछ सामान उन्होंने शत्रुघ्न नाम के कबाड़ी को बेच दिया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मंगल तिराहा, पुरुकुल रोड के पास जंगल क्षेत्र से शत्रुघ्न को भी चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, सिद्धार्थ और अंकित नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने मंदिर की पहले रेकी की और फिर सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरी का कुछ सामान कबाड़ी शत्रुघ्न को बेच दिया गया था। वहीं, शत्रुघ्न ने पुलिस पूछताछ में बताया कि अधिक मुनाफा कमाने के लालच में उसने चोरी का सामान कम कीमत पर खरीदा था।
बरामद सामान
अष्टधातु की 4 मूर्तियां
अष्टधातु का 1 घंटा
अष्टधातु के 2 दीये
अष्टधातु की 3 थालियां
अष्टधातु की 1 तश्तरी
अष्टधातु का 1 शिवलिंग
₹2,000 नकद
गिरफ्तार आरोपी
सिद्धार्थ थापा, उम्र 31 वर्ष, निवासी बापू नगर जाखन, देहरादून।
अंकित भंडारी, उम्र 32 वर्ष, निवासी बापू नगर जाखन, देहरादून।
शत्रुघ्न, उम्र 52 वर्ष, निवासी कलसी, बिहार, हाल निवासी काठ बंगला, राजपुर, देहरादून।
पुलिस टीम
उ0नि0 प्रवीण सैनी, चौकी प्रभारी कुठाल गेट, कांस्टेबल सत्येंद्र और कांस्टेबल सुरेंद्र ने कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।