पांच साल से एजुकेशन कंसल्टेंसी चलाने वाले आरोपी के जरिए बनवाए गए थे कथित फर्जी प्रमाण पत्र, अब तक आठ गिरफ्तार
देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS में दाखिला दिलाने के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण कुमार, जगपाल सिंह और रामपाल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर कूटरचित आधार कार्ड, स्थायी निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाकर अपनी बेटियों के मेडिकल दाखिले के लिए इनका इस्तेमाल किया था। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
रायपुर और क्लेमेनटाउन थाने में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेनटाउन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान आवेदकों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज कथित तौर पर फर्जी पाए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में SIT गठित की। टीम ने संबंधित शिक्षण संस्थानों से दस्तावेज जुटाए और अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
25 और 30 लाख रुपये देने का आरोप
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, आरोपी प्रवीण कुमार और जगपाल सिंह ने पूर्व में गिरफ्तार रूपेश पंडित से संपर्क किया था। आरोप है कि रूपेश पंडित अपने सहयोगियों के साथ मेरठ में MECODO पाठशाला नाम से एजुकेशन कंसल्टेंसी संचालित करता था और निजी विश्वविद्यालयों तथा विदेशों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले दिलाने का काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, प्रवीण कुमार ने अपनी पुत्री खुशी के MBBS में दाखिले के लिए कथित फर्जी दस्तावेज बनवाए थे, जबकि जगपाल सिंह ने अपनी पुत्री स्वाति के दाखिले के लिए ऐसे दस्तावेज तैयार करवाए थे। आरोप है कि प्रमाण पत्र बनवाने के एवज में प्रवीण कुमार ने 25 लाख रुपये और जगपाल सिंह ने 30 लाख रुपये दिए थे। पुलिस के अनुसार, खुशी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया, जबकि स्वाति को NEET काउंसलिंग में शामिल कराया गया था।
हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में दाखिले का मामला
तीसरे आरोपी रामपाल सिंह ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी पुत्री तृप्ति के MBBS दाखिले के लिए फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे। पुलिस के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर तृप्ति का हरिद्वार स्थित जीएमसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया।
SIT कर रही है आगे की जांच
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। दस्तावेजों की भूमिका, दाखिले की प्रक्रिया और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी:
प्रवीण कुमार (48), निवासी बड़कता, थाना बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश।
जगपाल सिंह (50), निवासी केशव नगर, लक्सर, जिला हरिद्वार।
रामपाल सिंह (52), निवासी मोहल्ला चौहाना, कीरतपुर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश।