अभाविप द्वारा निकाली गई “भगवान बिरसा संदेश यात्रा”, कुल 24 स्थानों से होते हुए देहरादून राष्ट्रीय अधिवेशन पहुंचेगी संदेश यात्रा
भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातु में रथ पूजन एवं प्रतिमा माल्यार्पण के पश्चात खूंटी में हुआ भव्य संगोष्ठी का आयोजन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम एवं जनजातीय गौरव के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा के जन्म के 150वीं वर्षगांठ पर झारखण्ड के खूंटी जिले में स्थित भगवान बिरसा की जन्मस्थली ‘उलिहातु’ में भगवान बिरसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं रथ पूजन के पश्चात “भगवान बिरसा संदेश यात्रा” का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात, यह सन्देश यात्रा जिला केंद्र खूंटी पहुंची जहां एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष आर्यन मान एवं विशेष अतिथि के रूप में अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री गोविंद नायक की उपस्थिति रही।

‘बिरसा मुंडा संदेश यात्रा’ भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातु से होते हुए खूंटी, चक्रधरपुर, चाईबासा, सरायकेला, रांची, जमशेदपुर, गुमला, लोहारगदा, लातेहार, मोदिनीनगर, गढ़वा, दुद्धीनगर, राबर्ट्सगंज, वाराणसी, जौनपुर, कुशभवनपुर, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर के रास्ते होते हुए देहरादून के “परेड ग्राउंड” में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के अधिवेशन स्थल पर 27 नवंबर को पहुंचेगी। यात्रा के दौरान उक्त विराम स्थानों पर संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर भगवान बिरसा द्वारा जनजातीय गौरव को बढ़ाने हेतु किए गए कार्यों को आम जन तक पहुंचाया जाएगा।
भगवान बिरसा संदेश यात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने अभाविप के कार्यकर्ताओं को संदेश यात्रा हेतु शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि,”भगवान बिरसा मुंडा की जीवन-गाथा हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अल्प आयु में महान कार्य करने के पीछे उनकी मिट्टी, समाज और धर्म के प्रति अटूट आस्था थी। उन्होंने कम संसाधनों और पारंपरिक हथियारों के सहारे अंग्रेजों के विरुद्ध उलगुलान किया और जनजाति समाज को यह संदेश दिया कि दृढ़ संकल्प और साहस हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। बिरसा मुंडा का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान का अद्भुत उदाहरण है।”
संदेश यात्रा के शुभारंभ में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष श्री आर्यन मान ने अभाविप की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि,” अभाविप द्वारा भारतीय स्वातंत्र्यवीर एवं जनजातीय गौरव के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं वर्षगांठ पर देशभर में अनेकों कार्यक्रमों के माध्यम से आम जन तक भगवान बिरसा के संदेश को पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। आज, दिल्ली विश्वविद्यालय समेत अन्य शैक्षिक एवं सामाजिक परिवेश में अभाविप द्वारा इस विषय पर लोगों को जाकरूक किया जा रहा है। भारतीय अस्मिता, जन, जंगल और जमीन के लिए अंग्रेजों से लोहा लेने वाले भगवान बिरसा इतिहास के पन्नों तक सीमित न रह सभी के अंतर्मन तक जाएं इसके हेतु ऐसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।”
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्री गोविंद नायक ने उपस्थित सभी लोगों को संदेश यात्रा के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि,” भगवान बिरसा संदेश यात्रा आज भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातु से प्रारंभ हो विभिन्न राज्यों से होते हुए अभाविप के देहरादून राष्ट्रीय अधिवेशन स्थल पर पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। यह संदेश यात्रा भारत के ‘स्व-बोध’ हेतु महत्वपूर्ण है, इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान बिरसा द्वारा दी गई सीख को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।”